किसी ने ठीक कहाँ है कि इंसान की उम्र उसके जन्म-दिन से नहीं देखी जाती उसकी नस नाड़ियों से उसके शरीर के जोड़ों से और उसकी आंतों के काम से नापी जाती है आपने एक कहावत तो सुनी होगी के, पेट सफा तो रोग दफा और अच्छी सेहत का राज़ हेल्दी डाइट और (Physical Activity) और व्यायाम और आपकी अच्छी सोच जैसी आदत में छुपा है

कब्ज़ का इलाज करने से पहले इसको समझें
आंतों के बारे में आपको एक बात बताना बहुत ज़रूरी है जो एक राज़ है जो प्राणी प्रकृति ने मांसाहारी बनाए हैं उनकी आंतें छोटी होती हैं क्योंकि उन्हें पचने के लिए बहुत देर काम नहीं करना पड़ता जो प्राणी शाकाहारी होते हैं उनकी आंतें लंबी होती हैं
क्योंकि उन्हें देर तक पचने का काम करना पड़ता है और इंसान की आंतें भी लम्बी होती हैं इसी लिए प्रकृति ने उसे शाकाहारी ही बनाया है अगर शाकाहारी प्राणी मांस का भोजन करेगा तो भोजन तो जल्दी पच जाएगा लेकिन उससे बना मल आंतों में देर तक रहेगा
इसीलिए वह अंदर सड़ांद पैदा करेगा यानी मांसाहारी लोगों का पेट सुबह साफ ना होना (Natural) है कब्ज़ होने का कारण है और शाकाहारी को मांसाहारी की तुलना में रोग कम सताते हैं
कब्ज़ के लिए आंतों का व्यायाम
पेट का व्यायाम आंतों का व्यायाम हैं उत्तम पाचन शक्ति और यौवन स्वस्थ जिगर पकाशय और यौवन इन अध्यायों में जो व्यायाम दिये हैं वह आंतों को स्वस्थ रखने के लिए भी उपयोगी हैं न्यौली क्रिया हमने एक पोस्ट लिखी है
Healthy digestion इसको भी पढ़ें ज़्यादा जानकारी के लिए और खासकर न्यौली क्रिया के संबंध में जो कुछ लिखा गया है उसका अभ्यास करने से आंतों को बल मिलता है
सुबह उठते ही नमक के साथ गरम पानी पीना
अमेरिकन डॉक्टर्स ओडिसी के राइटर डॉ. ई. बी. मैक कौलम का कथन है एक सेर गरम पानी में 2 छोटे चम्मच नमक डालकर खाली पेट पी लेने से आधा घंटे में आँतें बिल्कुल साफ हो जाती हैं जब तक आंतें साफ ना हो जाएं तब तक कुछ लेने की जल्दी ना करें
पानी काफी गरम हो तो जल्दी आराम मिलता है इस तरह का पानी पीने से आंतों की कृमि गति (Peristaltic motion) तेज़ हो जाती है और पेट साफ हो जाता है पानी के साथ नमक के होने की वजह से पानी जज़्ब होने के बजाएं बड़ी आंत तक पहुंच कर आंतों को धो डालता है जिसकी वजह से आपका पेट साफ हो जाता है
क़ब्ज़ का रामबाण इलाज (अमरूद )
आंतों को साफ रखने के लिए अमरूद से बढ़ कर कोई और चीज़ नहीं अमरूद से कड़ी से कड़ी क़ब्ज़ दूर हो जाती है अगर आपसे अमरूद के बीज ना चबाएं जा सकें तो बीज निकाल कर अमरूद खाना चाहिए क्योंकि कुदरत की हर चीज़ में सिर्फ शिफा है नाके नुकसान अगर आप अमरूद को सही तारीखें से खाते हैं
क़ब्ज़ का इलाज (त्रिफला) से
अमरूद की तरह त्रिफला भी मल ही है इस में हरड़ बहेड़ा और आंवला पड़ता है त्रिफला बनाने का सही तरीका 1:2:3 है एक छंटाक हरड़ दो छंटाक बहेड़ा चार छंटाक आंवला गुठली निकाल कर कूट लिए और एक बड़ा चम्मच पानी के साथ या दूध के साथ रात को सोते टाइम लेना चाहिए
त्रिफला कब्ज़ का रामबाण इलाज है इस तरह से आपका सुबह पेट अच्छे से साफ होगा और आप सारा दिन अपने आप को फ्रेश महसूस करेंगे और एक बात आपको मालूम होना चाहिए त्रिफला में जो हरड़ बहेड़ा आंवला पड़ता है इन तीनों को आयुर्वेद में फल कहा गया है
Disclaimer
यह जानकारी केवल आपकी सामान्य ज्ञान के लिए है किसी भी गंभीर समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें,
निष्कर्ष (Conclusion)
आंतों को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम एक अच्छा विकल्प है जिसको करने से पेट की हर समस्या को सही किया जा सकता है लेकिन आंतों और पाचन शक्ति और यौवन स्वस्थ जिगर पकाशय और यौवन इन अध्यायों में जो व्यायाम हैं वह आंतों को स्वस्थ रखने के लिए बहुत उपयोगी हैं
जैसे न्यौली क्रिया इसको करने से पेट के हर रोग दूर रहते हैं और और कब्ज़ को दूर करने के लिए अमरूद और त्रिफला एक रामबाण का काम करते हैं इन को लेने से कब्ज़ की शिकायत नहीं रहती
FAQS
सवाल : क्या त्रिफला कब्ज़ में फायदा करता है
जवाब : हाँ त्रिफला कब्ज़ में रामबाण का काम करता है
सवाल : क्या अमरूद कब्ज़ के लिए अच्छा है
जवाब : हाँ अमरूद आंतों को साफ रखने के लिए अमरूद से बढ़ कर कोई और चीज़ नहीं अमरूद से कड़ी से कड़ी क़ब्ज़ दूर हो जाती है
सवाल : क्या व्यायाम पेट के लिए ज़रूरी है
जवाब : हाँ व्यायाम करने से पेट तो स्वस्थ रहता है और उत्तम पाचन शक्ति और यौवन स्वस्थ के लिए व्यायाम बहुत ज़रूरी है
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