किडनी अर्धवृत्त आकार के दो अंग होते हैं जो ग्यारहवीं (11) पसली के नीचे पेट के पीछे की तरफ कमर में होते हैं गुर्दे जिगर से गिज़ा के बिल्कुल पतले हिस्से को जज़्ब करके (Blood-stained urine) इन में से अपनी गीज़ा लेकर बाकी साफ पानी को अपनी नालियों के ज़रिए मसाना में जमा कर देते हैं जब मसाना पानी से भर जाता है तो नली का मुंह खुल कर पेशाब बनकर बाहर निकल जाता है और जब हम ज़रा सी ला परवाही करते हैं तब हमको गुर्दे का रोग होने लगता है

किडनी खराब होने की शुरुवात कैसे होती है
किडनी खराब होने का कारण जब हम बर्फ का पानी या कोल्ड ड्रिंक या फास्ट फूड विरुद्ध आहार और चावल जैसी ठंडी चीजों का ज़्यादा इस्तेमाल यानि खाना या घी चिकनाई या बादी चीज़ों का ज़्यादा इस्तेमाल करने से किडनी पर बोझ पड़ता है
जिसकी वजह से किडनी कमज़ोर होने लगती है और जब आपका कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड बढ़ जाता है इसकी वजह से आपको (High BP) की शिकायत हो जाती है (High Cholesterole) और हाई बीपी भी किडनी खराब होने का एक कारण है और दूसरा हार्ड वॉटर (Hard water Pub Med Central (PMC) और नमक किडनी को बहुत नुकसान देता है
यूरिया (Urea ) कैसे बढ़ता है
हम इन तीनों को बहुत आसान करके बता रहे हैं जगह की कमी की वजह से, जब आपकी किडनी में कमज़ोरी आने लगती है तब आपकी बॉडी में शिकायत होने लगती है जैसे यूरिया का बढ़ना जब आपका (Urea) बढ़ने लगता है तब रिपोर्ट में दिखने लगता है
और यूरिया हमारे लिवर में बनता है और यूरिया बढ़ने की वजह जब हम चिकनी तली चीज़ें और प्रोटीन ज़्यादा खाते हैं तब लिवर पर बोझ पड़ता है जिसकी वजह से यूरिया बढ़ता है और जब ऐसी चीज़ों को छोड़ देते या बहुत कम करते देते हैं तब यूरिया खुद अपने आप कम होने लगता है तो अब आप यूरिया को समझ सकते हैं
क्रिएटिनिन (Creatinine) कैसे बढ़ता है
हमारी बॉडी के लिए Creatinine बहुत ज़रूरी है यह मांसपेशियों और मस्तिष्क को ताकत देता है और जब (Creatinine) बढ़ जाता है तब आपकी मांसपेशियों और मस्तिष्क में शिकायत होने लगती है और क्रिएटिनिन ज़्यादा तर Animal products में पाया जाता है और
जब आप Animal product का ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं या प्रोटीन चिकनी तली चीज़ें को ज़्यादा लेते हैं तो प्रोटीन क्रिएटिनिन में बदल जाता है जिसकी वजह से आपकी बॉडी में यूरिक एसिड और क्रिएटिनिन बढ़ने लगता है और जब आप मिट वगैरा को छोड़ देते हैं तब यह घटने लगता है इस का क्या मतलब हुआ मिट खाने वालों को बीमारी ज़्यादा सताती है सब्ज़ी खाने वालों के मुकाबले में
पोटैशियम (Potassium) कैसे बढ़ता है
पोटैशियम भी हमारी बॉडी के लिए बहुत ज़रूरी है क्योंकि ये हमारे (BP) को कंट्रोल और बॉडी में सोडियम को बाहर निकाल कर हमारी रक्त वाहिकाओं को रिलेक्स करता है जिसकी वजह से हमारा (BP) कंट्रोल में रहता है और जब यह बढ़ जाता है तो इसकी वजह से हाई बीपी और दिल की धड़कन वगैरा की शिकायत होने लगती है
और पोटैशियम ज़्यादा तर जो ज़मीन के नीचे जो सब्ज़ी होती है उस में पाया जाता है अगर आप उन सब्जियों को कम से कम 2 घंटे जैसे आलू को गरम पानी में भिगो देते हैं तब उसको पकाते हैं फिर इस क्रिया से पोटेशियम कम हो जाता है और इस तरह से आपका पोटेशियम कम होने लगता है Potassium Serving size 1 cup इससे ज़्यादा नहीं लेना चाहिए
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाना चाहिए
किडनी की परेशानी में आपको ऐसे खानों को खाना चाहिए जो जल्दी हज़म हों जैसे ओट्स का दलिया हरे पत्ते दार सब्ज़ी मूंग की दाल का सूप और मिनिरल वॉटर वगैरा का इस्तेमाल करना चाहिए और खीरा ककड़ी तरबूज़ बेल गिरी ख़रबूज़ा नारंगी अनार बहुत फायदा करते हैं
यह पेशाब Urine के Output को बढ़ाते हैं यह जले हुए खराब मवाद को बाहर निकलने के साथ गुर्दे की पथरी को रेज़ा रेज़ा करके जोड़ो के दर्द के मवाद को साफ करके निकालते हैं जिसकी वजह से किडनी स्वस्थ होने लगती है मगज़ बादाम मगज़ नारियल मगज़ पिस्ता भी बहुत फायदा करते हैं पर बादाम और पिस्ता चिलगोज़ा को भिगोकर 2, 3 घिरी इस्तेमाल करना चाहिए
किसी भी बीमारी को सही करने के लिए Placebo effects को समझें
जब इंसान को कोई सी भी बीमारी हो जाती है फिर उसको सही करने की ताकत आपकी सोच और बॉडी होती है जब हम अपने दिमाग को पक्का यकीन दिलाते हैं के हम ज़रूर अच्छा हो जाएंगे तब होता क्या है आपकी बॉडी ऐसी सोच से आपकी बॉडी में ऐसे हार्मोन्स और केमिकल छोड़ती है
जिसकी वजह से आपकी बॉडी खुद हिल करना शुरू कर देती है और आप धीरे धीरे अच्छे होने लगते हैं लेकिन एक बात को आप अच्छे से याद रखिए के शिफा देने वाला सिर्फ अल्लाह पाक की ज़ात है और कोई नहीं डॉक्टर और हकीम तो एक ज़रिया हैं शिफा सिर्फ अल्लाह देता है
Note :- एक बार में भी इसी परेशान में घिर गया था बहुत परेशानी हुई पर मुझे अपने अल्लाह पर यकीन था के वो मुझे अच्छा ज़रूर करेगा और अल्लाह के फज़लों करम से में इसी टिप्स से अच्छा हुआ जिसकी वजह से आपको यह बात शेयर की पर मैने कुछ विटामिन का सहारा भी लिया था जिसकी वजह से मुझे बहुत जल्दी फायदा हुआ आपसे दुआओं की दरख़्वास्त है अगर हमारी टिप्स अच्छी लगे प्लीज़ कमेंट ज़रूर करें
Disclaimer
यह जानकारी केवल आपकी सामान्य ज्ञान के लिए है किसी भी गंभीर समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें,
निष्कर्ष (Conclusion)
जब हमारी बॉडी की नसों में कड़ापन आ जाता है तब हमको कोई ना कोई रोग परेशान करने लगते हैं और नसों में कड़ा पन ज़्यादा घी तली भुनी चीजों और ज़्यादा कार्बोहाइड्रेट खाने से हमारी बॉडी में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड बढ़ने और फैटी लिवर होने लगता है
आप ऐसे खानों से बचें और एक बात हमेशा याद रखिए अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो मेदा वाली चीज़ों को अपनी लाइफ से निकाल दें और हमेशा जब आप खाना खाएं तो आपका खाना पौष्टिक आहार से भरपूर होना चाहिए
और किडनी रोग में पानी हमेशा सिफ सिफ करके पीना चाहिए और पानी की मात्रा लिमिट में होनी चाहिए इस तरह से आपकी किडनी पर बोझ भी नहीं पड़ेगा और सीप सीप करके पानी पीने से जितनी आपकी मुंह की लार आपके पेट में जाएगी
आप उतना जल्दी स्वास्थ होंगे और खाना हमेशा चबा चबाकर खाना चाहिए एक अच्छे स्वस्थ के लिए आप हमेशा खुश रहिए घर बाहर और अपनी फेमली के साथ इसी को एक अच्छी जिंदगी कहते है
FAQs
सवाल : क्या किडनी रोग अच्छा हो सकता है
जवाब : हाँ किडनी रोग अच्छा हो सकता है क्योंकि आकी बॉडी को अल्लाह ने ऐसा बनाया है यह खुद अपने आप हिल करना शुरू कर देती है अगर आपकी डाइट अच्छी है और खुद पर यकीन हो
सवाल : क्या नसों में कड़ा पन आने से किडनी रोग होता है
जवाब : आपको मालूम होना चाहिए जब आपकी नसों में कड़ा पन आता है तब आपके बुढ़ापे की शुरुवात होती है चाहे जो आपकी उम्र हो
सवाल : क्या यूरिन खुल कर आने से बॉडी डिटॉक्स होती है
जवाब : हाँ जब आपका यूरिन खुल कर आता है तब आपकी बॉडी से विषैले पदार्थ निकलते हैं इस क्रिया से आपकी बॉडी डिटॉक्स होती है और बीपी भी सही रहता है और हमेशा एक बात याद रखिए किडनी रोग किसी भी वेग को रोकने से होता है जब आपको यूरिन आये तो इसको हरगिज़ नहीं रोकें
सवाल : क्या Placebo effects से हमारी बॉडी पर असर होता है
जवाब : हाँ सही सवाल है ऐसा क्यों जब कभी आप बीमार पड़े होंगे और आप सही नहीं हो रहे होंगे फिर कोई डॉक्टर या आपका कोई दोस्त आपसे ऐसी बात कह देता है जो आपके दिल को छू जाती है और आपको फिर यकीन हो जाता है के आप जल्दी अच्छे हो जाओगे और आप सही भी हुए होंगे इसी सोच को (placebo effects) कहते हैं
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