आज हर कोई इस चिंता में रहता है के शरीर में कहीं चर्बी ना जमा हो जाए इस वजह से यहां वहां पुरुष और स्त्रियाँ चर्बी जमा ना होने देने के लिए यानि मोटापा या चर्बी जमा हो गई है तो उसे घटाने के लिए कम खाने लगते हैं जिसे डाइटिंग (Dieting) कहते हैं मगर डाइटिंग से फायदा होता है या नुकसान पहले इसको समझना चाहिए चर्बी हमारे शरीर के लिए बहुत ज़रूरी है जिसकी
वजह से हमारे शरीर में गर्मी बनी रहती है वैसे गर्मी ही शक्ति है और शरीर की गर्मी की शक्ति कार्बोहाइड्रेट शुगर के जल जाने से पैदा होती है जो बहुत जल्दी बर्न हो जाती है लेकिन चर्बी कार्बोहाइड्रेट के मुकाबले में जल्दी बर्न नहीं होती इसीलिए चर्बी एक तरह से शरीर के लिए ज़रूरत पड़ने पर शक्ति प्राप्त करने का एक अच्छा भंडारा है

उपवास करने से वजन कम होता है
उपवास करने से वजन कम होता है यही कारण है जब हम थोड़ा खाते हैं उपवास करते हैं तब चर्बी के हल होते रहने से हमारे अंदर शक्ति बनी रहती है जिसकी वजह से वजन कंट्रोल में रहता है और जब हम उपवास में सीमा का उल्लंघन करते हैं
तब हमारे शरीर की सारी चर्बी जल जाने की वजह से हम कमज़ोर हो जाते हैं इसी लिए चर्बी को कंट्रोल में रखना शरीर के लिए बहुत उपयोगी है क्योंकि चर्बी शरीर में गर्मी को बनाये रखती है इसी लिए पतले दुबले लोगों को सर्दी ज़्यादा सताती है
चर्बी का काम शरीर को सुडौल बनाये रखना है और बुढ़ापे में पाचन शक्ति कमज़ोर हो जाने के कारण कम खाने की वजह से शरीर में चर्बी खपती रहती है इसी लिए बुढ़ापे में चर्बी के चले जाने के कारण शरीर बेडौल और खूबसूरती चली जाती है
पेट बढ़ने का कारण
जब शरीर में चर्बी बढ़ती है तब उसका असर सबसे ज़्यादा पेट पर दिखाई देता है मोटापा पेट को अपना लक्ष्य क्यों बनाता है पहले इसको समझना चाहिए चर्बी एक ऐसा पदार्थ है जिसमें अपनी गति नहीं होती है और पेट में जहां इसे बाधा रहित स्थान मिलता है वहां जमा हो जाती है
क्योंकि हाथ पैर तो चलते रहते हैं इसी लिए चर्बी जमा नहीं होती और जहां कोई गति नहीं होती यानि हिलना जुलना नहीं होता वहां पर चर्बी जमा हो जाती है क्योंकि बैठे रहने से पेट एक स्थान पर स्थित रहता है
इसी लिए गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार खाने से पेट में पड़ी चर्बी भी वहीं जाकर जमा हो जाती है इसी लिए जो लोग दिन भर बैठे रहते है उनके पेट पर मोटापा आने लगता है ऐसे लोगों के दूसरे अंग पतले दुबले और पेट मोटा दिखाई देता है
मोटापे का मुख्य कारण क्या है
आपको मालूम होना चाहिए दूध घी मक्खन डालडा और जानवर में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) नमक का एक तत्व होता है जो चर्बी के कणों (Fatty Particles) के रूप में धमनियों (Arteries) में जब जम जाता है और जो लोग दूध घी मक्खन और मांस खाते हैं
तब कोलेस्ट्रॉल की वजह से चर्बी के कण पेट में जामा हो जाते हैं जिसकी वजह से पेट बढ़ जाता है और वसा युक्त भोजन में क्लेस्ट्रॉल होने के कारण पेट ही नहीं बढ़ता सारे शरीर पर मोटापा आ जाता है Reasarch Dairy Product और पुरुषों के मुकाबले
स्त्रियों के शरीर पर ज़्यादा मोटापा आता है क्योंकि पुरुष के शरीर में 15 पौंड चर्बी होती है और साधारण स्त्रियों के शरीर में 35 पौंड चर्बी होती है इसी लिए स्त्रियों को डाइटिंग ज़्यादा करना पड़ता है
कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए आंतों को साफ रखना
राशिया के डॉक्टरों का कहना है जिन लोगों की आंतें सही से काम करती हैं उनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की कमी होने लगती है जिसके लिए आंतों का व्यायाम करना और कब्ज़ ना होने देना मोटापे पर नियंत्रण रखने का मुख्य साधन है Gut Health Foods को भी समझये
अगर आप वनस्पति Vegetable fat अपने खाने में इस्तेमाल करते हैं तो रिसर्ज से साबित हुआ है वनस्पति तेल को खाने से कोलेस्ट्रॉल घटता है Resarch Vegetable Fat कब्ज़ में अमरूद और पपीता रामबाण का काम करता है
त्रिफला भी कब्ज़ के लिए एक अच्छा विकल्प है इसके लिए आप 2 चम्मच त्रिफला रात को दूध या पानी के साथ लेने से कब्ज़ की शिकायत नहीं होती और कब्ज़ को दूर करने के लिए सुबह गरम पानी पीने से भी पेट अच्छे से साफ होता है
मोटापा कम करने का रामबाण उपाय
अगर आप अपना मोटापा कम करना चाहते हैं तो अपनी डाइट में (Vegebles fat) को शामिल ज़रूर करें इससे आपका मोटापा बहुत जल्दी कम होगा और पेट को कम करने के लिए आप पेट का व्यायाम ज़रूर करें यह व्यायाम स्त्री और पुरुष दोनों कर सकते हैं
विशेष कर पेट का संकोच और शिथिलीकरण पेट के लिए बहुत लाभप्रद हैं और जिनके रुधिर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज़्यादा हो उनको गुड़ की खांड का इस्तेमाल करना चाहिए जो मांस खाना चाहते हैं
उनके लिए मछली की चर्बी और उसका तेल खाने से कोलेस्ट्रॉल कम होने में सहायता मिलती है और डेयरी प्रोडक्ट में दही या दही की लस्सी बड़े हुए कोलेस्ट्रॉल की वजह से दिल के ऊपर पढ़ रहे बोझ को कम करता है
Disclaimer
यह जानकारी केवल आपकी सामान्य ज्ञान के लिए है किसी भी गंभीर समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें,
निष्कर्ष (Conclusion)
उपवास करने से हमारा शरीर की चर्बी बहुत तेज़ी से घटती है जिसकी वजह से वजन कंट्रोल में रहता है इसी लिए जो लोग दिन भर बैठे रहते है उनके पेट पर मोटापा आने लगता है और जो लोग दूध घी मक्खन और मांस खाते हैं तब कोलेस्ट्रॉल की वजह से चर्बी के कण पेट में जामा हो जाते हैं
जिसकी वजह से पेट बढ़ जाता है जिन लोगों की आंतें सही से काम करती हैं उनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की कमी होने लगती है जिसके लिए आंतों का व्यायाम करना और कब्ज़ ना होने देना मोटापे पर नियंत्रण रखने का मुख्य साधन है और पेट को कम करने के लिए आप पेट का व्यायाम ज़रूर करें यह व्यायाम स्त्री और पुरुष दोनों कर सकते हैं
FAQs
सवाल : क्या उपवास करने से Weight loss होता है
जवाब : हाँ उपवास करने से Weight loss होता है होता है अगर आप हफ्ते में एक बार उपवास करते हैं
सवाल : क्या कोलेस्ट्रॉल की वजह से मोटापा बढ़ता है
जवाब : हाँ कोलेस्ट्रॉल की वजह से मोटापा बढ़ता है और वसा युक्त भोजन करने की वजह से उसमें क्लेस्ट्रॉल होने के कारण पेट ही नहीं बढ़ता सारे शरीर पर मोटापा आ जाता है
सवाल : मोटापा क्यों बढ़ता है
जवाब : जो लोग दूध घी मक्खन और मांस खाते हैं तब कोलेस्ट्रॉल की वजह से चर्बी के कण पेट में जामा हो जाते हैं जिसकी वजह से पेट बढ़ जाता है
सवाल : आंतों की सफाई के लिए क्या खाएं
जवाब : कब्ज़ के लिए अमरूद और पपीता रामबाण का काम करते हैं और त्रिफला भी कब्ज़ के लिए अच्छा है इसके लिए आप 2 चम्मच त्रिफला रात को दूध या पानी के साथ लेने से कब्ज़ की शिकायत नहीं होती और सुबह पेट अच्छे से साफ़ हो जाता है
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